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18वीं सदी के मध्य में ब्रिटेन के देश स्कॉटलैंड में एक प्रसिद्ध इंजीनियर का जन्म हुआ था, जिसने एक आधुनिक भांप इंजन का निर्माण कर पूरी दुनिया में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत की थी। लेकिन क्या आपको पता है उस steam engine ka avishkar kisne kiya था? तो बता दे, उस पहले भाप इंजन का निर्माण इंजीनियर जेम्स वाॅट (James Watt) ने सन् 1776 में किया था।आगे चलकर उस स्टीम इंजन का उपयोग पूरी दुनिया के उद्योगों में मशिनों को चलाने के लिए किया गया, जिससे उनकी कार्यक्षमता और उत्पादन शक्ति बढ़ गई। सन् 1825 में ट्रेन का आविष्कार भी इसी खोज के कारण संभव हो पाया। भाप इंजन के निर्माण की उपलब्धि इतनी महत्वपूर्ण थी कि आज उसे पूरे विश्व में अति प्रभावशाली आविष्कारों में से एक माना जाता है।

 

 

 

 

 

 

Locomotives - The Transcontinental Railroad

 

 

 

 

जेम्स वाॅट और स्टीम इंजन का आविष्कार

जेम्स वाॅट का जन्म स्कॉटलैंड के ग्रीनॉक नामक शहर में सन् 1736 में हुआ था। जेम्स वाॅट अपने पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। उनके पिता जेम्स वाॅट सीनियर जहाज के कप्तान थे तथा साथ-साथ जहाज बनाने का काम भी किया करते थे।

भाप इंजन और जेम्स वाॅट

जेम्स वाॅट बचपन में बहुत बीमार रहा करते, जिस कारण वे स्कूल नहीं जा पाते थे। इसलिए उनकी ज्यादातर प्रारम्भिक शिक्षा उनके माता-पिता द्वारा घर पर ही प्रदान की गई। हालांकि, वे कुछ वर्षों के लिए स्थानीय विद्यालय ग्रीनाॅक ग्रामर स्कूल में भी गये। बचपन से जेम्स का झुकाव गणित एवं विज्ञान की तरफ अधिक था, जिसे उनके परिवारजन भी अच्छी तरह समझते थे तथा इस क्षेत्र में कुछ नया करने के लिए प्रोत्साहित करते थे।

 

 

 

जेम्स जब 18 साल के थे तो उनकी माता एग्रेस मुइरहेड की मृत्यु हो गई एवं उनके पिता का स्वास्थ्य भी खराब होने लगा। उसी दौरान उन्होंने लंदन जाकर कोई नौकरी करने का निर्णय किया। लंदन में उन्होंने लगभग एक वर्ष तक उपकरण बनाने का प्रशिक्षण लिया और फिर ग्लासगो लौटकर गणितीय उपकरणों को बनाने की एक कार्यशाल खोल ली। लेकिन मैकेनिक का सात वर्षों का जरूरी अप्रेंटिसशिप न होने के कारण स्थानीय यूनियन के दबाव में विवश होकर उन्हें अपना व्यवसाय जल्द ही बंद करना पड़ा।

सौभाग्य से ग्लासगो विश्वविद्यालय ने जेम्स वाॅट के उपकरण बनाने एवं मरम्मत करने की कुशलता के बारे में सुना तो उन्हें तुरन्त नौकरी पर रख लिया। ग्लासगो विश्वविद्यालय में बहुत सारे खगोलीय टेलीस्कोप एवं गणितीय उपकरण थे, जिन्हें बार-बार मरम्मत की जरूरत पड़ती थी। जेम्स उन उपकरणों को ठीक किया करते तथा कई बार उन उपकरणों के और अच्छी तरह से इस्तेमाल के लिए उनमें कई सुधार भी करते।

 

 

 

 

 

सन् 1757 में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के अनुरोध पर जेम्स ने विश्वविद्यालय के अंदर ही एक छोटी सी कार्यशाला खोल ली। तब उस विश्वविद्यालय के दो चर्चित प्रोफेसरों – राजनैतिक अर्थशास्त्री Adam Smith और कार्बन-डाइऑक्साइड गैस के खोजकर्ता Joseph Black से उनकी दोस्ती हो गई। वे दोनों प्रोफेसर जीवन भर उनके मित्र बन रहे तथा उनके कई महत्वपूर्ण कार्यों का मार्गदर्शन भी किया।

सन् 1759 में जेम्स वाॅट के मित्र और ब्रिटिश भौतिकविद् जाॅन राॅबिसन ने उनका ध्यान चालन शक्ति के स्रोत के रूप में भाप के उपयोग पर आकर्षित किया। उस समय तक पूरे ब्रिटेन में केवल एक ही प्रकार का स्टीम इंजन था, जिसका प्रयोग पिछले 50 सालों से खादानों से पानी निकालने के लिए किया जा रहा था। उस भाप इंजन को अंग्रेज आविष्कारक थॉमस न्यूकमेन ने सन् 1712 में बनाया था, जो बहुत अधिक कारगर नहीं था।

इसी बीच जेम्स वाॅट को एक खराब न्यूकेमन भाप इंजन को ठीक करने का काम मिल गया। उस इंजन की मरम्मत करते हुए उन्होंने पाया कि इंजन के पिस्टन को चलाने के लिए भाप की मात्र तीन चौथाई ऊर्जा ही उपयोग हो रही थी। यह एक प्रकार से भाप की शक्ति की बर्बादी थी, क्योंकि इस तरह से इंजन अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा था।

सन् 1765 के मई माह में उन्होंने स्टीम इंजन की समस्या का समाधान निकाल लिया। जेम्स ने भाप के इंजन का एक नया मॉडल बनाया, जिसमें पिस्टन के साथ संघनित भाप को अलग चैंबर में इक्कठा किया। उन्होंने सोचा कि इस तरीके से सिलेंडर के तापमान को बनाए रखा जा सकता है, जिसके बाद उसे हर बार गरम करने की जरूरत नहीं होगी। जिसका मतलब यह था कि अब भाप की शक्ति का अधिक से अधिक उपयोग किया जा सकता था।

पूरा इंजन बनाने के लिए जेम्स को पैसों की जरूरत थी, जिसमें उनकी मदद की इंग्लैंड के सोहो कारखाने के मालिक Matthew Boulton ने। Boulton की मदद से जेम्स की पैसों संबंधी समस्या खत्म हो गई। आगे बुल्टन तथा जेम्स वाॅट ने मिलकर लगभग 25 वर्षों तक खादानों से पानी निकालने वाले अधिक कार्यक्षमता के कई भाप इंजनों का निर्माण किया।

 

 

 

 

 

लंबे समय के कारोबार के बाद steam engine games जेम्स वाॅट का ध्यान watt steam engine पिस्टन की प्रत्यागमनी steam engine games गति को चक्रीय शक्ति में बदलने की ओर गया। watt steam engine जिससे भांप steam engine games की शक्ति का उपयोग अन्य क्षेत्रों में भी किया जा सके। watt steam engine जैसे- अनाज की पिसाई, कताई, बुनाई आदि में।

जेम्स वाॅट इस समय तक सिर्फ इंग्लैंड में james watt ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो चुके थे। फिर भी वे भांप इंजन में आगे कई सुधार करते रहे। james watt भाप इंजन के अलावा उन्होंने एक ऐसी मशीन बनाई थी जिसकी सहायता से कोई भी james watt चित्रों और अक्षरों को दूसरे कागज पर नकल कर सकता था। इसे दुनिया नकल james watt करने वाली मशीन का सबसे पुराना रूप माना जाता है।

83 वर्ष की आयु में 25 अगस्त, 1819 को जेम्स वाट की मृत्यु हो गई।

भाप की शक्ति के जिज्ञासु जेम्स वाॅट एक दूरदर्शी व्यक्ति थे steam engine और सौभाग्यवश वे अपने स्वप्नों को साकार करना जानते थे। steam engine उनके समस्त कौशल उन्हें अचानक प्राप्त नहीं हुए थे, यद्यपि वे नियमित तौर पर किसी विद्यालय में कभी नहीं गए। steam engine उन्होंने अपने समस्त कौशल लगन, steam engine कठोर परिश्रम एवं प्रतिबद्धता एवं मशीनों के प्रति निहित प्रेम के कारण प्राप्त किया था।

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