Lata Mangeshkar (लता मंगेशकर)

0
17

स्वर कोकिला कहीं जाने वाली लता मंगेशकर जी का जन्म 28 सितंबर 1929 को मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में हुआ था | उनके पिताजी का नाम दीनानाथ मंगेशकर था जो एक कुशल रंगमंच के गायक थे दीनानाथ जी लता मंगेशकर जी को तब से संगीत सिखा रहे हैं जब वह सिर्फ 5 साल की थी उनके साथ उनकी बहने आशापुर सा और मीना भी सीखा करती थी | लेकिन लता मंगेशकर संगीत में सबसे अधिक रुचि दिया करती थी लता मंगेशकर जी की शुरुआती पढ़ाई अमान अली खान साहिब और बाद में अमानत खान जी के साथ हुई लता मंगेशकर हमेशा से ही ईश्वर द्वारा दी गई सुरीली आवाज की कद्र करती थी और वह हमेशा से उसे हिफाजत से रखती थी और यही कारण है कि आज भी इतनी सफल गायिका बन पाए लता मंगेशकर जी की आवाज इतनी सुरीली और शानदार है कि कोई भी सुनकर उनकी आवाज में खो जाता है लता मंगेशकर जब से 5 वर्ष की आयु की थी उनको पहली बार एक नाटक में अभिनय करने का अवसर मिला उनकी शुरूआत वहीं से हो गई किंतु उनकी दिलचस्पी नाटक में नहीं संगीत में थी|

वर्ष 1942 में उनके पिताजी की मृत्यु हो गई उसके बाद पिताजी के दो मित्र विनायक दामोदर करण नाथ की ने इनके परिवार को संभाला और लता मंगेशकर को एक सफल सिंगर और अभिनेत्री बनाने में अपना सहयोग दिया | लता मंगेशकर जी का करियर बहुत ज्यादा कठिन था लता मंगेशकर जी को अपना स्थान बनाने के लिए बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा उन्होंने कई सारी तकलीफों को भी चेला कई संगीतकारों ने तो लता मंगेशकर को शुरू शुरू में पत्नी आवाज के कारण काम देने से साफ इनकार कर दिया उस समय प्रसिद्ध गायिका नूरजहां के साथ लता जी की तुलना की जाती थी धीरे-धीरे अपना लगन और प्रतिभा के बल पर रेखा मिलना शुरू हुआ| वह अपने काम को इतनी श्रद्धा और निष्ठा से कर दी थी कि उन्हें काम की कमी नहीं होनी थी और धीरे-धीरे अपनी मेहनत के दम पर वह फिल्मी जगत पर बहुत बड़ा हक जमा चुकी थी और आने वाले समय ने लता मंगेशकर जी को फिल्मी जगत किसान बना दी लता मंगेशकर से सर्वाधिक गीत रिकॉर्ड करने वाली अभी तक की पहली महिला है|

फिल्मी गीत के अतिरिक्त उन्होंने गैर फिल्मी गीत भी बहुत सारे गाय लता मंगेशकर की प्रतिभा को पहचान सन 1947 में मिली जब फिल्म हाथ की सेवा में उन्हें एक गीत गाने का मौका मिला इस गीत के बाद उन्होंने फिल्मी जगत में ऐसी पहचान बना ली से बनाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल था लता मंगेशकर जी की दो आंखें बाहर हाथ ,दो बीघा जमीन, मदर इंडिया, mughal-e-azam अधिक महान फिल्मों में गाने गाने का मौका मिला और वह अपना योगदान लगातार इन फिल्मों में दे दी थी|

इसी बीच उन्होंने कई सारे प्रसिद्ध संगीतकारों के साथ काम किया जिनमें से अनिल सनी चौधरी शंकर जयकिशन सी डी बर्मन आरडी बर्मन मदन मोहन इत्यादि सभी संगीतकारों कि अपनी प्रतिभा का लोहा माना |उसके बाद 1962 में भारत चीन युद्ध के बाद शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस तत्कालीन परिस्थिति में प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु भी उपस्थित थे इस समारोह में लता जी द्वारा एक गाना गाया गया जिस गाने का नाम है| मेरे वतन के लोगों था इस गाने को सुनकर वहां पर बैठे सभी लोग भाव विभोर हो गए और पंडित जवाहरलाल नेहरू की भी आंखें भर आई  और जब भी कभी देशभक्ति की बात आती है तो इनकी आवाज मैं यह गाना हमेशा याद किया जाता है

लता मंगेशकर जी को कई सारे पुरस्कारों से नवाजा गया :

1. फिल्म फेर पुरस्कार (1958, 1962, 1965, 1969, 1993 and 1994)
2. राष्ट्रीय पुरस्कार (1972, 1975 and 1990)
3. महाराष्ट्र सरकार पुरस्कार (1966 and 1967)
4. 1969 – पद्म भूषण
5. 1974 – दुनिया मे सबसे अधिक गीत गाने का गिनीज़ बुक रिकॉर्ड
6. 1989 – दादा साहब फाल्के पुरस्कार
7. 1993 – फिल्म फेर का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार
8. 1996 – स्क्रीन का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
9. 1997 – राजीव गान्धी पुरस्कार
10. 1999 – एन.टी.आर. पुरस्कार
11. 1999 – पद्म विभूषण
12. 1999 – ज़ी सिने का का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
13. 2000 – आई. आई. ए. एफ. का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
14. 2001 – स्टारडस्ट का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
15. 2001 – भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न”
16. 2001 – नूरजहाँ पुरस्कार
17. 2001 – महाराष्ट्र भूषण

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here