Dr. Bhimrao Ambedkar (भीमराव आंबेडकर)

2
562

भारतीय संविधान के निर्माता भीमराव आंबेडकर भारत के महान समाज सुधारकों में से एक थे। उन्होंने दलितों के उत्थान के बहुत सारे कार्य किये। यह स्वत्रंत भारत के पहले कानून मंत्री रहे है। भीमराव आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को रत्नागिरी (Ratnagiri) में हुआ था। इनका जन्म महार जाति में हुआ था। यह एक अछूत जाती थी। जिसकी वजह से प्रत्येक जगह पे इनको समस्यायों का सामना करना पड़ा । वह चाहे प्रारंभिक शिक्षा से लेकर हो या नौकारी करने को लेकर हो। हर जगह जातिवाद से सम्बंधित दिक्कतें इनके समक्ष आयी।

अम्बेडकर एल्फिंस्टोन रोड पर स्थित गवर्मेट हाई स्कूल के पहले अछूत छात्र बने|बाद में गायकवाड़ शासक द्वारा दी गई छात्रवृति पर वे न्यूयार्क गए और वहां उन्होंने राजनीति विज्ञान विभाग के स्नातक अध्ययन कार्यक्रम में प्रवेश ले लिया। 1916 में उन्हें एक शोध के लिए पीएच.डी. से सम्मानित किया गया। यहाँ से डाक्टरेट के उपाधि लेकर वे लन्दन चले गए और वहां पर उन्होंने लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में कानून व अर्थशास्त्र में डाक्टरेट करने के लिए प्रवेश ले लिया। पर उन्हें बीच में ही अपनी पढाई छोडनी पड़ी क्योकिं भारत में हालात कुछ बिगड़ गए थे जिसके कारण उनकी छात्रवृति बंद हो गई थी और वे भारत वापस लौट आये। वापस आकर कुछ दिन उन्होंने बडौदा राज्य के सेना के सचिव के रूप में कार्य किया लेकिन नौकरी में होने वाले भेद भाव के कारण उन्होंने वो नौकरी छोड़ दी और मुंबई के सिडनेम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनोमिक्स मे राजनीतिक अर्थव्यवस्था के प्रोफेसर के रूप में नौकरी करने लगे।
1920 में कोल्हापुर के महाराज के सहयोग से भीमराम जी पुनः अध्धयन के लिए लन्दन गए। 1923 में उन्होंने अपना शोध प्रोब्लम्स ऑफ द रुपी (रुपये की समस्यायें) पूरा कर लिया। उन्हें लंदन विश्वविद्यालय द्वारा “डॉक्टर ऑफ साईंस” की उपाधि प्रदान की गयी। कानून का अध्ययन पूरा होने पर उन्हें ब्रिटिश बार मे बैरिस्टर के रूप में प्रवेश मिल गया | 1927 में कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा पीएच.डी. प्रदान

अबेडकर का पहला विवाह 1906 में हुआ था, तब वो मात्र 15 वर्ष के थे,और उनकी पत्नी 9 वर्ष की थी उनके एक पुत्र हुआ ,जिसका नाम यशवंत रखा गया,लेकिन उनकी पहली पत्नी रमाबाई की 1935 में मृत्यु हो गयी. जब वो नींद की कमी और न्यूरोटिक बीमारी से जूझ रहे थे तब वो डॉक्टर शारदा कबीर से मिले और उन दोनों ने 15 अप्रैल 1948 को विवाह कर लिया. शादी के बाद शारदा ने अपना नाम सविता अम्बेडकर कर लिया|

अम्बेडकर का करियर –

पढाई पूरी करके 1917 में भारत लौटने पर उन्होंने प्रिंसली स्टेट ऑफ़ बड़ोदा के लिए डिफेन्स सेक्रेट्री के लिए काम शुरू किया. हालांकि इस काम के दौरान उन्हें काफी अपमान और छुआछूत का सामना करना पड़ा था. मिलिट्री मिनिस्टर का क्षेत्र छोड़ने के बाद उन्होंने प्राइवेट ट्यूटर और अकाउंटेंट के रूप में काम करना शुरू किया. उन्होंने कंसल्टेंसी बिजनेस शुरू किया जो कि सामाजिक स्थिति के कारण नही चल सका.
उसके बाद 1918 में उन्होंने मुंबई के सिडेन्हाम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स में पढाने का काम किया. उसके बाद उन्होंने वकालात का भी काम किया. जातिगत भेदभाव का शिकार बनने के कारण उन्हें अपने इस अस्पृश्य समाज के उत्थान की प्रेरणा मिली. इस कारण कोल्हापुर के महाराज की मदद से उन्होंने एक साप्ताहिक जर्नल मूकनायक शुरू किया जो कि हिन्दुओ के कट्टर रीति रिवाजों की आलोचना करता था,और राजनीतिज्ञों को इस असमानता के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित करता था, 1921 में पर्याप्त धन कमाने के बाद वो अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए लन्दन चले गये. जहां उन्होंने लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में मास्टर्स की डिग्री हासिल की.
• 1923 में उन्हें लन्दन के बार एट ग्रेज इन में बुला लिया गया 2 वर्ष बाद उन्होंने इकोनॉमिक्स में डी.एस.सी की डिग्री ली. लॉ की डिग्री पूरी करने के बाद वो ब्रिटिश बार में बेरिस्टर बन गये.
• 1921 तक अम्बेडकर प्रोफेशनल इकोनॉमिस्ट थे. उन्होंने हिल्टन यंग कमिशन में प्रभावशाली पेपर भी लिखे थे जिसमें रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया का आधार तैयार हुआ. 1923 में उन्होंने “दी प्रोब्लम ऑफ़ रूपी,इट्स ओरिगिस एंड सोल्यूशन में उन्होंने रूपये की प्राइस स्टेबिलिटी के महत्व को समझाया. उन्होंने ये भी बताया कि कैसे भारतीय अर्थव्यवस्था को सफलता पुर्वक आगे ले जाया जा सकता हैं.
• भारत लौटने पर उन्होंने देश के लिए लीगल प्रोफेशनल के रूप में काम करना शुरू कर दिया. 1920 में तक उन्होंने अपने जाति के लोगों की हितों की रक्षा में काम करने के लिये सक्रिय कदम उठाने शुरू कर दिए. उन्होंने बहुत से विरोधी रैलियाँ,भाषण आयोजित किये, और लोगों को छुआछूत के खिलाफ आगे आने को प्रेरित किया और पब्लिक के लिए उपलब्ध टैंक से पानी पीने के अधिकार को समझाया,एवं प्रेरित किया उन्होंने मनु स्मृति को जलाया,जो कि जातिवाद का समर्थन करती थी.
• 1924 में उन्होंने अस्पृश्यता और छुआछूत को पूरी तरह से समाप्त करने के लक्ष्य के साथ बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना की. इस संस्था का मुख्य उद्देश्य पिछड़े वर्ग को शिक्षा उपलब्ध करवाना और सामजिक-आर्थिक प्रगति दिलाना था. इसका मुख्य सिद्धांत समाज को “शिक्षित, उत्साहित और व्यवस्थित करना था”.
• 1925 में उन्हें ऑल-यूरोपियन साइमन कमिशन के अंतर्गत बोम्बे प्रेसिडेंसी कमिटी में चुना गया. कमिशन रिपोर्ट को कांग्रेस ने स्वीकार नही किया क्योंकि वो स्वतंत्र भारत के लिए अपना खुदका संविधान चाहती थी.

जीवन के अंतिम वर्षों में भीमराव का स्वास्थ खराब रहने लगा था. 1948 में उन्हें डायबिटीज हो गयी जिसके कारण आँखों की रोशनी भी कम होने लगी. डायबिटीज और खराब स्वास्थ से जूझते हुए उन्होंने 6 दिसम्बर 1956 को नींद में अंतिम सांस ली. मृत्यु से पहले ही वो हिन्दू धर्म छोडकर बौद्ध धर्म अपना चुके थे इसलिए उनका अंतिम संस्कार बौद्ध धर्म के अनुसार किया गया जिसमें हजारों की संख्या में उनके समर्थक और अनुयायी शामिल हुए. 1990 में उन्हें मरणोपरान्त भारत रतन दिया गया.

Dr.Bhimrao Ambedkar  short Biography

Bio/Wiki

  • Name: Bhimrao Ambedkar
  • Date Of Birth: 14 April 1891
  • Birthplace: Ratnagiri, Maharashtra
  • Hometown: Mhow, British India (now- Madhya pradesh)
  • Nationality: Indian
  • Eduction: MA., Ph.D., M.Sc., D.Sc., Barrister-at-Law, L.L.D., D.Litt
  • Profession:  Jurist, economist, academic, politician, social reformer, anthropologist, writer
  • Death: 6 December 1956

Physical Status

  • Height: (Information not available)
  • Eye Color: Black
  • Hair Color: Black

Family Information

  • Father: Ramji Maloji Sakpal
  • Mother: Bhimabai Sakpal
  • Brother: Anandrao, Balaram
  • Sister: Manjula, Ramabai, Tulasi, Gangabai
  • Relationships: Married
  • First Wife: Ramabai Ambedkar (1906-1935)
  • Second Wife – Savita Ambedkar (1948-1956)

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here