Chanakya (चाणक्य)

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चाणक्य चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे | चाणक्य कौटिल्य के नाम से पूरे विश्व में विख्यात हैं चाणक्य जी ने नंद वंश का नाश करा कर चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बनवाया था चाणक्य द्वारा रचित अर्थशास्त्र राजनीति अर्थ राजनीति कृषि आदि कई सारे महान ग्रंथ है कई सारे इतिहासकारों के अनुसार चाणक्य का असली नाम विष्णुगुप्त था| विष्णु पुराण में भगवान आदि पुराणों तथा कथा सरिता जैसे ग्रंथों में चाणक्य का नाम पहले भी आ चुका है और इनकी कथाओं की बराबरी संस्कृत ग्रंथों में दिखाई देती है चाणक्य की नीति की वजह से कई सारे विशाल साम्राज्य का स्थापना किया गया है आइए जानते हैं इन महान विद्वान चाणक्य जी के जीवन के बारे में और उनके द्वारा किए गए कार्यों और उनके जीवन में आए संघर्षों को कि वह कैसे अपनी गरीबी को दूर करके एक प्रखर विद्वान बने|

महा पंडित चाणक्य जी का जन्म बौद्ध धर्म के अनुसार 350 ईसवी पूर्व में हुआ था इनका जन्म तक्षशिला के कुटिल नामक एक ब्राह्मण वंश में हुआ था इन्हें भारत में मेहताब अली के नाम से जाना जाता है चाणक्य के जन्म के बारे में अलग-अलग बातें की जाती है कई विद्वानों का मानना है कि उनका जन्म कुटिल वंश में होने के कारण उनका नाम कौटिल्य पड़ा जबकि कई विद्वानों का मानना है कि उनके उग्र स्वभाव और गुणों की वजह से उनका नाम कौटिल्य पड़ा जबकि कई विद्वानों का मानना है कि यशस्वी विद्वानों का जन्म यानी चाणक्य का जन्म नेपाल की तराई में हुआ था जबकि जैन धर्म के अनुसार उनके जन्म स्थली महसूस राज्य में स्थित श्रावणबेलागोला है जनस्थान को लेकर मुद्राराक्षस के रचयिता के अनुसार उनके पिता को चमक का ज्यादा था | इसलिए पिता के नाम के आधार पर उन्हें चाणक्य का नाम मिला चाणक्य का जन्म एक बेहद गरीब ब्राह्मण परिवार में हुआ था उन्हें अपने बचपन में बहुत ज्यादा गरीबी को देखा है यहां तक कि गरीबी की वजह से कभी-कभी चाणक्य को और उनके परिवार को खाना नसीब नहीं होता था और उन्हें भूखे पेट ही सोना पड़ता था चाणक्य बचपन से ही क्रोधी और जिद्दी स्वभाव के थे उनके स्वभाव के कारण उन्हें नंद वंश का विनाश करने के लिए फैसला लिया हम आपको बता दें चाणक्य शुरू से ही साधारण तरीके से जीवनयापन किया करते थे उन्हें कभी किसी दौलत धन सोना चांदी आदि का कोई भी लोग नहीं था चाणक्य जी के बारे में कहा जाता है कि महामंत्री का पद पाने के बाद उन्होंने राजसी ठाठ बाट और मोह माया का फायदा बिल्कुल भी नहीं उठाया चाणक को धन यश का लोग बिल्कुल भी नहीं था और चंद्रगुप्त मौर्य के यहां हैं उन्हें कौटिल्य की उपाधि प्राप्त हुई कौटिल्य ने अपने जीवन में कई सारे उतार-चढ़ाव देखे थे और उनके कारण उनकी विचारधाराएं बहुत ही महान थी|

महान विद्वान चाणक्य की शिक्षा दीक्षा प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय में हुई थी मैं बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी और एक होनहार छात्र थी साथ ही उनकी पढ़ाई में बहुत अधिक रुचि जी तक्षशिला नालंदा विश्वविद्यालय में ही उन्होंने कुछ ग्रंथों से शिक्षा ग्रहण की और साथ ही ब्राह्मण परिवार में जन्म होने के कारण चाणक्य को अर्थशास्त्र राजनीति युद्ध राजनीति दमा ज्योति जैसी विषयों के बारे में अच्छी जानकारी थी और वह इन विषयों में विद्यमान थे|

साथ ही चाणक्य को ग्रीक भाषा और फारसी भाषा का काफी अच्छा ज्ञान था वह विज्ञान और अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बन गए थे जहां वह पढ़ाया करते थे और उसके बाद वे सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के भरोसेमंद सहयोगी भी बन गए |चंद्रगुप्त मौर्य के जीवन में दो ऐसी बड़ी घटनाएं हुई जिनसे उनका जीवन पूरी तरीके से बदल गया पहली घटना भारत पर सिकंदर का आक्रमण और तत्कालीन छोटे राज्यों की हार और दूसरी घटना है| मगध किस शासक द्वारा कौटिल्य का किया गया अपमान यह दो घटनाओं से चाणक्य चाणक्य की जिंदगी पूरी तरीके से बदल गई और उन्होंने अपना बदला लेने के लिए दृढ़ निश्चय और संकल्प करके घर से हमेशा के लिए बाहर निकल गए हम आपको बता दें कि जब भारत पर सिकंदर ने आक्रमण किया तब उस समय चाणक्य तक्षशिला विद्यालय के प्रिंसिपल थे और उस समय की बात है कि तक्षशिला गंगधार के सम्राट आम्भी ने सिकंदर से समझौता भी कर लिया था |

चाणक्य अपने जीवन है बहुत ही ज्यादा सफल रहे उन्होंने कई सारे ऐतिहासिक कार्य भी किए जिसके लिए सभी कोई उन्हें आज भी याद करते हैं चाणक्य जी का अंतिम समय उपासक साधना करके बीता इतिहासकारों के चाणक्य की मृत्यु दो कारणों से हुई थी पहला कारण था | मृत्यु तक अन्य जल का त्याग किया होगा और दूसरा कारण उनके दुश्मन बहुत थे किसी दुश्मन ने षड्यंत्र रच के उनकी हत्या करा दी होगी उनकी मृत्यु की जानकारी पूरी तरीके से इतिहासकारों के पास भी नहीं है |

Chanakya short Biography

Bio/Wiki

  • Name: Chanakya (Kautilya)
  • Date Of Birth: 350 A.D
  • Birthplace: Chanaka Village
  • Nationality: Indian
  • Eduction: Taxila Nalanda University
  • Profession: Advisor, Economist, Teacher, Philosper

Family Information

  • Father: Rishi Chanak
  • Mother: Chaneshvari

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